समाचार

जिनेंद्र की आराधना करने से नष्ट हो जाते हैं हमारे कर्म मल- अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज

  • पद्मप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर पहाड़ा में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का प्रारम्भ

उदयपुर। पद्मप्रभु दिगम्बर जैन मन्दिर पहाड़ा, उदयपुर में 2 मार्च से अन्तर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के सानिध्य में आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का प्रारम्भ समाज द्वारा शुरू किया गया।इस अवसर पर मुनि श्री ने कहा कि हम 8 दिन तक भगवान की आराधना उपासना करेंगे। इन 8 दिनों में हम जिनेंद्र भगवान को 2065 अर्घ्य समर्पित करेंगे और 10 बड़ी पूजा होगी। इसके साथ ही एक बड़ी जयमाला के साथ हम भगवान की आराधना करेंगे। उन्होंने कहा कि जिनेंद्र की आराधना करने से हमारे कर्म मल नष्ट जाते हैं। आज सभी को यह संकल्प करना है कि हम मन, वचन और काया से जिनेंद्र की आराधना करेंगे। हमारे यहां शास्त्रों में कहा गया है कि जिनेंद्र देव की आराधना करने वाला तिर्यंच भी देव बन जाता है। आप सभी नियम संकल्प करें कि आज से संयम, त्याग के साथ रहकर 8 दिन तक जिनेन्द्र भगवान का पूजन करेंगे, तभी आपको पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होगा।  यह आपके पूर्व कर्मों का उदय है कि आप को गुरु के सानिध्य में भगवान की आराधना करने का लाभ प्राप्त हुआ है। आप इस प्रकार की आराधना करते हुए अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाएं।इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमे शांतिधारा करने का लाभ प्रकाश अदवासिया, रमेश अदवासिया, दिनेश गुडलिया और रजत ने लिया। पुष्प वर्षा देवीलाल जैन द्वारा की गयी। स्वर्ण के पार्श्वनाथ पर शांतिधारा धनराज सेठ द्वारा की गई।विधान के पहले दिन सौधर्म इन्द्र बनाने का लाभ प्रेम तितड़िया, यज्ञ नायक प्रकाश जैन को मिला।मंडल पर पांच मंगल कलश स्थापना मधु मनोहर चित्तौड़ा, कमलेश चित्तौड़ा, सुरेन्द्र दलावत, प्रकाश अदवासिया, कांतिलाल कोठारी द्वारा की गयी। अखण्ड दीपक स्थापना सुरेन्द्र दलावत द्वारा की गयी।वहीं विधान के बीच में चन्द्रप्रभु भगवान का मोक्ष कल्याणक होने पर चन्द्रप्रभु भगवान के पूजन के साथ  निर्वाण लड्डू चढ़ाने का लाभ गुलाब बाई ने प्राप्त किया।आठ दिन में 2065 श्रीफल के साथ अर्घ्य चढ़ाए जाएंगे।पहले दिन 8 अर्घ्य मंडल पर चढ़ाए गए।

Spread the love

Related posts

सवा सैतीस फीट ऊंचा है जैन मंदिर का मानस्तम्भ

Shreephal News

श्रवणबेलगोला श्रवणबेलगोला यानी दिगम्बर जैन मुनियों का धवल सरोवर

admin

श्रीफल से संत ने किया सरस्वती पुत्रों का सम्मान

admin

Leave a Comment