साफ रखिए और बचे रहिए आंख के कई रोगों से

साफ रखिए और बचे रहिए आंख के कई रोगों से

आंखें हमारे शरीर का अहम हिस्सा है। इनको स्वस्थ बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम आंखों का पूरा ध्यान रखें। कंजक्टिवाइटिस आंखों का एक ऐसा रोग हैजो आंखों को लाल कर देता हैइनमें खुजली चलने लगती है और सूजन आ जाती है। यह संक्रमित रोग है। एक बार किसी के होने पर घर और आस-पास के लोगों में तेजी से बढ़ता है। कंजक्टिवाइटिस के मामले में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ज्यों ही इसके लक्षण नजर आएंतुरंत एहतियात बरतना और चिकित्सा लेना चाहिए। अगर किसी शख्स को यह हो चुका है तो उसके सम्पर्क में आने से पूरी तरह बचना चाहिए। आइए जानते हैं कंजक्टिवाइटिस से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे मेंताकि हम इस रोग को लेकर सजग रहें।

ये हैं इसके कारण

विभिन्न तरह के बैक्टीरिया और रोगाणु इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। सामान्य सर्दी-जुकाम के लिए उत्तरदायी वायरस भी कंजक्टिवाइटिस का कारण बन जाते हैं। शैम्पू और स्विमिंग पूल के गंदे पानी से स्नान भी इसका कारण हो सकता है। इस रोग की वजह अन्य चीजों या फिर आई ड्रॉप से हुई एलर्जी भी हो सकती है।

विभिन्न रूप

कंजक्टिवाइटिस के विभिन्न रूप सामने आते हैं। इसका वायरल रूप ज्यादा कॉमन हैजो एक से दूसरे शख्स में तेजी से फैलता है। इसका दूसरा रूप बैक्टीरियल है। यह एक आंख को ही ज्यादा प्रभावित करता है। इसके एलर्जिक रूप में आंखें लाल हो जाती हैजलन होने लगती हैं और नाक बहने लगता है। कॉन्टेक्ट लैंस भी इसके संक्रमण के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इस तरह हम देखते हैं कि कंजक्टिवाइटिस की समस्या हमारे सामने विभिन्न रूपों में आती हैं।

सावधानियां
कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों से बचे रहने के लिए कुछ एहतियात बरता जाना बेहद जरूरी है। आप अपने कपड़ेमोजेटॉवलबिस्तरतकियाबेडशीट आदि को रोजाना धोएं और टॉवलकपड़े-मोजे आदि किसी के साथ शेयर न करें। अपनी आंखों को मसलने से बचें। आंखों के मेकअप से बचे रहें और कॉन्टेक्ट लैंस की अच्छी तरीके से सफाई करें। आंखों की ड्रॉप कुछ दिनों के बाद इस्तेमाल न करें। इन सबके साथ ही धूलधूप और धुआं से अपनी आंखों को बचाए रखें। चश्मे का इस्तेमाल करें।

जलन और चुभन

इस रोग की शुरुआत अचानक होती है। शुरुआत में एक या दोनों आंखों में जलन और चुभन महसूस होती हैै। आंखें लाल-गुलाबी सी हो जाती हैं। पलकें सूज जाती हैं। आंखों में पानी आने लगता है। ऐसे में आंखें खोल पाना भी मुश्किल हो जाता है। आंखों में सूजन होने पर दर्द का अहसास भी होता है। आंखों में तेज खुजली चलने लगती है। इस तरह के मामलों में इस रोग का प्रभाव चार-पांच दिन बाद कम होने लगता है लेकिन कई मामलों में इससे अधिक वक्त भी ले लेता है।

आंखों की सफाई

इस रोग में आंखों की सफाई बहुत जरूरी है। आप घर पर आंखें साफ कर सकते हैं। एक बर्तन में एक गिलास पानी लेकर उसे उबाल लेंफिर गुनगुना होने तक ठंडा होने दें। साफ स्टरलाइज्ड रूई का पैकेट दवा की दुकान से लें। हाथ साबुन से अच्छी तरह धो लें। उसके बाद रूई से आंखों की गंदगी पोंछ लें। पलकों के बाल आपस में ज्यादा चिपके हुए हों तो उन्हें कुछ देर के लिए पानी से गीला करके छोड़ दें। कुछ देर बाद साफ कर लें। हर बार रूई का नया फाहा इस्तेमाल करें। एक आंख का संक्रमण दूसरी में न फैलें। आंखों को साफ कर लेने के बाद आप डॉक्टर द्वारा बताई गई आई ड्रॉप्स डालें।

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