चाहते हैं अच्छी पैदावार, तो जान लें किस फसल के लिए कौन सी मिट्टी है उपयोगी

चाहते हैं अच्छी पैदावार, तो जान लें किस फसल के लिए कौन सी मिट्टी है उपयोगी

जयपुर 3 अक्टूम्बर 2019 /  फसलों के लिहाज से मिट्टी काफी महत्वपूर्ण होती है। दरअसल हमारे देश में अलग-अलग तरह की मिट्टी पाई जाती है लेकिन हर तरह की मिट्टी की अपनी खासियत होती है। यही वजह है कि कोई भी फसल तभी अच्छी होती हैजब उसके अनुरूप मिट्टी में उसे बोया जाए। तो आइए जानते हैं कि किस फसल की अच्छी पैदावार के लिए कौन सी मिट्टी जरूरी है।

जलोढ़ मिट्टी 

जलोढ़ मिट्टी भारत में सबसे बड़े क्षेत्र में पाई जाने वाली और सबसे महत्वपूर्ण मिट्टी है। इसे नदियां बहाकर लाती हैं। इसे कछार मिट्टी के नाम से भी जाना जाता है। यह काफी उपजाऊ होती है। यह राजस्थान के उत्तरी भागपंजाबबिहारउत्तर प्रदेशपश्चिम बंगाल और असम के आधे भाग में पाई जाती है। इस मिट्टी में चावलगेहूंकपासबाजराज्वारमटरकाबुली चनाकाला चनासोयाबीनमूंगफलीसरसोंतिलजूटमक्कातिलहन फसलेंसब्जी-फल आदि की खेती होती है।

लाल मिट्टी

लाल मिट्टी दक्षिणी पठार की पुरानी मेटामार्फिक चट्टानों के टूटने से बनती है। छत्तीसगढ़ओडिशाआंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश के पूर्वी भागछोटा नागपुर का पठारी क्षेत्रपश्चिम बंगाल के उत्तरी पश्चिम जिलोंनगालैंडराजस्थान में अरावली के पूर्वी क्षेत्रमहाराष्ट्रतमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ भागों में यह मिट्टी पाई जाती है। चावलगेहूंमक्कामूंगफलीरागीगन्नाआलूतिलहन व दलहनबाजराआमसंतरा जैसे खट्टे फल आदि की खेती इस मिट्टी में होती है।

लैटेराइट मिट्टी 

पहाड़ियों और ऊंची चट्टानों की चोटी पर यह मिट्टी बनती है। मानसूनी जलवायु के शुष्क और नम होने का जो परिवर्तन होता है उससे इस मिट्टी को बनने में मदद मिलती है। यह मिट्टी तमिलनाडुकर्नाटककेरलमध्य प्रदेशओडिशा और असम में पाई जाती है। इस मिट्टी में चायनारियलकॉफीकपासचावलगेहूंदलहनरबड़काजू और सुगंधित अखरोट आदि उगाए जाते हैं।

काली मिट्टी 

काली मिट्टी ज्वालामुखी प्रवाह से बनती है। इसको कपास की मिट्टी या रेगड़ मिट्टी भी कहते हैं।  यह मिट्टी डेक्कन लावा के रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों जैसे महाराष्ट्रछत्तीसगढ़मध्य प्रदेशगुजरातआंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में होती है। गोदावरीकृष्णानर्मदा और ताप्ती नदियों के किनारों पर यह मिट्टी पाई जाती है। इस मिट्टी में होने वाली मुख्य फसल कपास है। इसके अलावा गन्नागेहूंज्वारसूरजमुखीचावलखट्टे फलसब्ज्यिांमूंगफलीअलसीबाजरा व तिलहन फसलें भी इस मिट्टी में होती हैं।

शुष्क या रेतीली मिट्टी 

अरावली के पश्चिमी क्षेत्र में पाई जाने वाली इस मिट्टी में रेत की मात्रा अधिक होती है। इस मिट्टी में नमक की मात्रा अधिक होती है। इसमें गेहूंमक्कामूंगफलीजौबाजरादलहन आदि को उगाया जा सकता है।


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