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भव्य जिनालय एवं चौबीसी का शिलान्यास संपन्न जन्म-जन्मांतर के पुण्योदय से मिलता है जिन मंदिर, जिनबिम्ब स्थापना का अवसर : मुनि श्री सुप्रभसागर जी

bhavya jinalaya evam chaubisi ka shilanyas

गुरसरांय, जिला झांसी

श्रमणाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य परम पूज्य श्रमण श्री सुप्रभसागर जी महाराज, परम पूज्य प्रणतसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में गुरसरांय में भव्य जिनालय एवं चौबीसी का शिलान्यास का कार्यक्रम विधिविधान के साथ संपन्न हुआ। विधि विधान की समस्त क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य ब्र. जय निशांत भैया जी टीकमगढ़, ब्र. पीयूष भैया जी गुन्नौर (पन्ना) के निर्देशन में संपन्न की गई। शिलान्यास के आयोजन में अतिथि क्षेत्रीय विधायक माननीय श्री जवाहरलाल जी राजपूत ने भी अपने कर कमलों से शिला रखी।
इस अवसर पर श्रमण मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे अवसर जन्म जन्मांतर के पुण्योदय के फल से प्राप्त होते हैं। पुण्य आत्मा की संपत्ति का ही उपयोग होता है, जिनालय निर्माण में। उहोंने कहा कि युवाओं का जोश और वृद्धों का होश जब एक साथ होता है तो वायु का वेग बदल जाता है।
उल्लेखनीय है कि गुरसरांय की जैन समाज ने 21 वर्ष पूर्व आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के गुरसरांय प्रवास पर भावना भायी थी जो अब उनके शिष्य मुनिद्वय के सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर महावीर पार्क पर मुनि सुप्रभसागर ने आयोजन स्थल को ‘ सुविशुध्द गुरु’ नाम दिया।

jinalaya evam chaubisi ka shilanyas
महावीर पार्क में विशाल जिनबिम्ब एवं चौबीसी विराजमान करने की भावना स्वर्णिम जन्म जयंती वर्ष 2020 21 की अनुपम भेंट है। पूर्वजों की धरोहर को युवाओं ने साकार रूप दिया है। जिनबिम्ब विराजमान करने का सौभाग्य एवं जिनालय के मुख्य शिलान्यास करने का सौभाग्य समस्त श्री महेंद्र कुमार जैन, पुनीत जैन, अमन जैन, रमन जैन समस्त सिंघई परिवार को प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर गुरसराय दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गुरसरांय में चल रही है शीतकालीन वाचना : डॉ. सुनील संचय ने बताया कि परम पूज्य श्रमण श्री सुप्रभसागर जी महाराज, परम पूज्य प्रणतसागर जी महाराज की शीतकालीन वाचना गुरसरांय नगर में प्रभावना पूर्वक चल रही है जिसमें आगम ग्रंथों के स्वाध्याय में श्रद्धालु रुचि पूर्वक सम्मिलित हो रहे हैं साथ ही मुनिश्री के प्रवचनों का लाभ ले रहे हैं, सम्यक समाधान का कार्यक्रम ब्र. साकेत भैया के निर्देशन में चल रहा है जिसमें मुनि श्री सुप्रभ सागर जी से अनेक विकल्पों के आगमोक्त समाधान पाकर श्रद्धालु लाभान्वित होकर पुण्यार्जन कर रहे हैं। प्राप्त प्रश्नों का संचालन मुनि श्री प्रणत सागर जी करते हैं।

-डॉ सुनील जैन संचय,ललितपुर

-सादर प्रकाशनार्थ।

धन्यवाद!
डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

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