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कोरोना काल में परस्पर एक दूसरे के सहयोगी बनें – डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

कोरोना महामारी से पीड़ित आर्थिक विपिन्न हुए परिवारजनों के लिए समाज का दायित्व विषय पर राष्ट्रीय वेबीनार संपन्न

जयपुर। जैन पत्रकार महासंघ (रजि.) के तत्वावधान में प्रज्ञा श्रमण मुनि श्री अमित सागर जी महाराज, जगद्गुरु डॉक्टर स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक मूडबद्री, जगद्गुरु पीठाधीश स्वस्ति श्री रवीद्र कीर्ति स्वामीजी जम्बूद्वीप हस्तिनापुर , आचार्य श्री लोकेश मुनि जी महाराज दिल्ली के आशीर्वाद एवं सान्निध्य में राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना महामारी से पीड़ित आर्थिक विपिन्न हुए परिवार जनों के लिए समाज का दायित्व विषय पर प्रज्ञा श्रमण जूम चैनल पर राष्ट्रीय स्तर पर वेबीनार रमेश जैन तिजारिया जयपुर की अध्यक्षता एवं भगवान महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुरेश जैन मुरादाबाद , भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ क्षेत्र कमेटी मुंबई के निर्वाचित अध्यक्ष शिखर चंद पहाड़िया जी मुंबई के मुख्य आतिथ्य में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने अवगत कराया कि उक्त वेबीनार में चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन रोशन लाल जैन ,प्रकाश चंद घटालिया ,राजेश देवड़ा,एवं मोहित जैन मोही उदयपुर ने किया। मंगलाचरण युवा विदुषी डॉक्टर ममता जैन पुणे ने किया ।
जैन पत्रकार महासंघ की ओर से सभी अतिथि गण एवं जूम पर उपस्थित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों, विद्वानों श्रेष्ठियों आदि का स्वागत भाषण कार्यक्रम संयोजक उदयभान जैन जयपुर ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की प्रस्तुति का उद्देश्य के संबंध में जैन मनीषी राजेंद्र महावीर सनावद ने प्रकाश डालते हुए कहा कि कोरोना से पीड़ित त्यागीव्रतियों , समाजजनों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करने की आवश्यकता है।उन्होंने उपरोक्त बिषय के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारियां प्रदान कीं।
इस मौके पर परम पूज्य प्रज्ञा श्रमण अमित सागर जी महाराज ने कहा कि यह समय अपनी संवेदनाएं बनाएं रखने का है, संकट के समय अपने दायित्वों का निर्वाहन करें तभी सार्थकता है। आचार्य मुनि श्री लोकेश जी मुनि महाराज ने कहा कि जैन जीवनशैली को आत्मसात करें, ज्ञान , ध्यान और प्राणायाम को अपनाकर ऐसी महामारी से बचा जा सकता है। सामाजिक दायित्वों को निभाएं। पीठाधीष स्वस्ति श्री रवीद्र कीर्ति स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में जैन धर्म , शुद्ध शाकाहार भोजन, रात्रि भोजन निषेध, उबले पानी का प्रयोग,धार्मिक अनुष्ठान, शाकाहार पालन आदि महत्वपूर्ण बिंदुओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला और आशीर्वचन देते हुए कहा कि जैन धर्म के उपरोक्त सिद्धांतों को अपनाया जाए तो करोना जैसी महामारी से बचा जा सकता है।


मुख्य अतिथि भगवान महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुरेश जैन मुरादाबाद ने कहा कि पात्र व्यक्ति को ही दान देना चाहिए एवं महामारी से पीड़ित लोगों की मदद करने हेतु राष्ट्रीय स्तर पर मदद ऐप का निर्माण समाज स्तर पर होना चाहिए ,उन्होंने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी द्वारा करोना पीड़ित को जो सहायता प्रदान की उस पर प्रकाश डाला ।
दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मणीन्द्र जैन दिल्ली ने कहा कि महा समिति ने 20 बच्चों को गोद लिया है उनकी पढ़ाई भोजन आवास पर समुचित व्यवस्था महासमिति की ओर से की जाएगी। संयुक्त सलाहकार लैंड एक्विजिशन दिनेश जैन सेवानिवृत्त आईएएस जयपुर ने कहा कि तत्कालीन- दीर्घकालीन आवश्यकताओं का चिन्हीकरण , परिवार जनों का चिन्हीकरण कर समाज संगठन संस्थाओं का चिन्ही करण कर सतत संपर्क में समन्वय की आवश्यकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय जैन संघटना राजेन्द्र लुंकर ने राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना पीड़ितों की जो मदद की जा रही है उसके संबंध में प्रकाश डाला ।हंसमुख गांधी इंदौर ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार जो सुविधाएं प्रदान कर रही हैं उनके संबंध में जानकारी दी।
डॉ के एम जैन पुणे महाराष्ट्र ने कहा कि शाकाहार व्यसन मुक्ति के क्षेत्र में 35 वर्ष से कार्य कर रहा हूं ,गुटखा विरोधी आंदोलन का आद्यप्रवर्तक हूँ उन्होंने कहा कि समाज में जैन डॉक्टरों का बड़ा संगठन होना चाहिए। दिगंबर जैन महासमिति के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेंद्र पाण्डया जयपुर ने महासमिति द्वारा किए जा रहे सहायता कार्यों पर प्रकाश डाला । डॉ विमल कुमार जैन भारतीय जैन संगठन जबलपुर द्वारा करोना महामारी से पीड़ित व्यक्तियों को ऑक्सीजन किट की मदद की गई उसके संबंध में अवगत कराया। डॉ• जीवन प्रकाश जैन राष्ट्रीय अध्यक्ष युवा परिषद् ने त्रिलोक शोध संस्थान जम्बू द्वीप हस्तिनापुर एवं युवा परिषद् की शाखाएं संपूर्ण देश में कोरोना महामारी से पीड़ित जनों को जो सहायता प्रदान की जा रही है के संबंध में अवगत कराया।डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर ने समीक्षक के रूप में कहा कि समाज में जागरूक होने की आवश्यकता है,स्थानीय स्तर पर समाज की समिति के पदाधिकारियों द्वारा बिना प्रचार के सहयोग करना चाहिए, महासंघ द्वारा इस प्रकार की वेबीनार का आयोजन करना सराहनीय कार्य है, इस वेबीनार में जो भी प्रस्ताव व सुझाव आए हैं उनको समाज में पहुंचाए जाने की आवश्यकता है। वेबीनार में संजय बड़जात्या कामां (भरतपुर), महेंद्र बैराठी जयपुर, डॉ यतीश जैन जबलपुर ने अपने विचार प्रकट किए।
वेबीनार में चिरंजीलाल बगडा कोलकात्ता, डॉ अनिल जैन जयपुर, राजेश रागी बकस्वाहा,अकलेश जैन अजमेर, दिलीप जैन जयपुर ,डॉ मनीषा जैन लाडनूं ,विमल बज जयपुर ,त्रिभुवन जैन कानपुर, राकेश जैन सोनी देवपुरी वंदना , इंदौर, योगेश टोडरका जयपुर, महेंद्र शास्त्री मुरैना, पवन घुवारा टीकमगढ़, राजकुमार जैन कोडरमा, स्वाति जैन हैदराबाद ,नीलम जैन पुणे ,कमल जैन बयाना, अनीता सेठी बांरा अमित जैन बांरा,पवन घुवारा जी, डॉ यतीश जी, विनीत जैन प्राचार्य साढूमल, सुनील शास्त्री टीकमगढ़, डॉ ज्योतिबाबू जी उदयपुर, मनीष वैद्य जी, अर्चना जैन जी , बेविनार में शामिल आदि अनेकों स्थानों से विभिन्न प्रांतों के श्रेष्ठि, विद्वान संस्थाओं के पदाधिकारी वेबीनार में शामिल हुए। वेबिनार का कुशल संचालन युवा विदुषी डॉ. प्रगति जैन इंदौर ने किया एवं कार्यक्रम संयोजक जनर्लिस्ट मनीष विद्यार्थी शाहगढ सागर, राष्ट्रीय संगठन मंत्री महासंघ ने सभी उपस्थित अतिथियों, विद्वानों, श्रेष्ठियों, कार्यकर्ताओं तकनीकी सहयोगी मोहित मोही आदि सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा की जैन पत्रकार महासंघ द्वारा आज वेबीनार में जो प्रस्ताव और सुझाव आए हैं उनको निश्चित रूप से क्रियान्वित करने हेतु समाज की शीर्ष संस्थाओं को अवगत कराया जायेगा।

डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

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