समाचार

नवागढ़ महोत्सव में बुंदेली लोकनृत्य ने बांधा समा


नृत्य के माध्यम से पाठशाला के बच्चों ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने का दिया संदेश
108 युगल इन्द्रों द्वारा अरनाथ महामण्डल विधान हुआ सम्पन्न
कलाकारों ने लोकनृत्यों से किया मंत्रमुग्ध

ललितपुर, नवागढ़। महरौनी विकासखंड में स्थित दिगम्बर जैन प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में आचार्य श्री प्रमुख सागर जी के शिष्य मुनि श्री यागवेन्द्रसागर जी महाराज संसंघ के सान्निध्य में ब्र. जय निशांत भैया जी के निर्देशन में त्रिदिवसीय नवागढ़ महोत्सव मंगलवार को अभूतपूर्व, ऐतिहासिक सफलता के साथ सम्पन्न हो गया।

108 युगल इन्द्रों द्वारा अरनाथ विधान :
प्रातः मूलनायक अरनाथ भगवान का महामस्तकाभिषेक पूजन श्रद्धा भक्ति के साथ की गई। महोत्सव में मंगलवार को 108 युगल इन्द्रों द्वारा श्री अरनाथ महामण्डल विधान संगीत की मधुर स्वर लहरियों के बीच विधि विधान पूर्वक किया गया। जिसमें अगाध श्रद्धा-आस्था, भक्ति नृत्य के साथ मंडल पर अर्घ्य समर्पित किए गए। इस दौरान मुनिश्री व माता जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

लोकनृत्य की प्रस्तुति रही अनूठी, अद्भुत :
नवागढ़ महोत्सव में संभावना समिति सागर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अतिभव्य, मनभावन लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे आयोजन में समा बांध दिया, बुंदेली विधाओं और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने मिला। नृत्य, लोकगीत गायन की लाजवाब प्रस्तुतियाें ने दर्शकों को बांधे रखा। बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध लोकनृत्य बधाई की प्रस्तुति जैसे ही शुरू हुई , सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। ‘नैना बंध लागे कहियो बाजू बंध लाने कहियो’ बुंदेलखंड के बधाई लोकनृत्य प्रस्तुति पर श्रोता झूम उठे।

इसके बाद प्रस्तुत क्लासिकल डांस ने तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध नौरता लोकनृत्य (देवी स्तुति) की सुंदर प्रस्तुति को खूब सराहा गया। राजस्थानी लोकनृत्य काल वेलिया भी दर्शकों को खूब भाया। एक से बढ़कर एक लोकनृत्य की बहुत ही भव्य प्रस्तुति देखकर दर्शक कह उठे अदभुत, ऐतिहासिक, अनूठी प्रस्तुति।
यह रही लोकनृत्य कलाकारों की टीम : नवागढ़ महोत्सव में जिन कलाकारों ने प्रस्तुति से धमाल मचाया उनमें लोकनृत्य कलाकार रजनी दुबे, सेजल राजपूत, आकांक्षा सेन, महिमा, प्रियंका, गौरव, कपिल, मनोज, अमन, तुलसी शामिल रहे। संभावना समिति सागर टीम के प्रभारी आशीष खटीक रहे। सांस्कृतिक आयोजन का संचालन डॉ. सुनील संचय ललितपुर ने किया।

कलाकारों ने लोकनृत्यों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान कलाकार द्वारा प्रस्तुत बांसुरी की धुन पर सभी का मन तरंगे मारने लगा। नवागढ़ कमेटी द्वारा सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
लोकनृत्य कलाकार रजनी दुबे को मिली खूब वाहवाही : महोत्सव में लोकनृत्य की कलाकार रजनी दुबे की प्रस्तुति को खूब वाहवाही मिली। क्लासिकल डांस में कत्थक में वियोग, श्रृंगार के भाव जिस सुंदर ढंग से प्रस्तुत किये,उसे दर्शक एकटक देखते ही रहे। इसके साथ ही लगभग सभी लोकनृत्य में रजनी मुख्य भूमिका में रहीं। नवागढ़ तीर्थक्षेत्र कमेटी के प्रचारमंत्री डॉ. सुनील संचय ललितपुर को रजनी दुबे ने बताया कि वह पिछले 10 वर्ष से फॉग डांस, 8 वर्ष से कत्थक भारत के विभिन्न राष्ट्रीय आयोजनों में कर रही हैं । ये लोकनृत्य सिखाती भी हैं।
मड़ावरा के पाठशाला के बच्चों ने दी भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति : लोकनृत्य की प्रस्तुति के पहले आचार्य श्री विद्यासागर वर्णी संस्कार पाठशाला के बच्चों ने पाठशाला की प्राचार्या श्रीमती ममता जैन के नेतृत्व में शिक्षाप्रद अनेक प्रस्तुतियों से भाव- विभोर कर दिया।

‘ओ री चिरैया नन्ही सी चिड़िया अंगना में फिर आजा रे’ इस नृत्य के माध्यम से पाठशाला के बच्चों ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश देकर जागरूक किया जिसे खूब सराहा गया। इसके अलावा बच्चों ने रात्रि भोजन से हानियां, दादी मां की चाह, कविता आदि विभिन्न प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। इस दौरान संगीतकार पुष्पेंद्र जैन ककरवाहा द्वारा प्रस्तुत ‘बाबा नवागढ़ वाले, नैया तेरे हवाले’ को भी दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया।
इस अवसर पर दिल्ली,ललितपुर, मैनवार गुढ़ा, महरौनी, मड़ावरा, ककरवाहा, नेकौरा, सोजना, , टीकमगढ़, खरगापुर, कारीटोरन, हीरापुर, दमोह, शाहगढ़, घुवारा, समर्रा, अजनौर, सागर , छतरपुर आदि स्थानों से प्रमुख गणमान्य महानुभाव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

आयोजन को सफल बनाने में नवागढ़ तीर्थक्षेत्र कमेटी, युवा जागृति संघ, महिला मंडल आदि का सराहनीय योगदान रहा।
ब्र. जय निशान्त भैया रहे महोत्सव के सूत्रधार : नवागढ़ महोत्सव के सूत्रधार क्षेत्र के निर्देशक ब्र. जय निशान्त भैया रहे। उनके कुशल निर्देशन के कारण महोत्सव ने ऊंचाईयों को छुआ । अनेक भव्य आयोजनों के कारण यह महोत्सव ऐतिहासिक रहा उसके पीछे ब्र. जय निशान्त भैया का अथक श्रम रहा जिसकी सभी ने मुक्तकंठ से खूब प्रशंसा की।
लोकनृत्य को जीवंत करने का प्रयास : महोत्सव में बुंदेलखंड की विलुप्त हो रही लोकविधाओं के संरक्षण व सम्वर्धन के उद्देश्य से लोकनृत्य के भव्य आयोजन हुए, जो लोकनृत्य को जीवंत करने की दिशा में उठाया गया एक सराहनीय कदम है।
नवागढ़ क्षेत्र के अध्यक्ष सनत जैन एडवोकेट, वीरचंद नेकोरा, अशोक मैनवार, सुरेन्द्र सोजना, राजकुमार चूना, इंजी. शिखर चंद्र जैन, आनंदी लाल जैन, पंडित मनीष संजू, सेठ नरेंद्र मैनवार,धीरेन्द्र सिंघई, राजा,राजीव चंदपुरा, मुन्ना लाल, सुरेन्द्र सिंघई, राजकुमार जैन आदि ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। आभार वीरचन्द्र नेकोरा ने व्यक्त किया।
जैन मंदिर की सजावट ने मन-मोहा : प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र पर स्थित जैन मंदिर की भव्य सजावट ने सभी का मन मोह लिया। रात्रि में दूधिया रोशनी में विशाल मंदिर प्रांगण की सजावट सभी को अपनी ओर खींच रही थी।
श्री गुरुकुलम फोल्डर का हुआ विमोचन : इस अवसर पर नवागढ़ में खुलने जा रहे श्री गुरुकुलम बैनर, फोल्डर का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।

Spread the love

Related posts

गोल्डन बुक ऑफ़ रेकॉर्ड में दर्ज हूवा संयम महोत्सव ।

admin

सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र के होटल में परोसा जा रहा है मांसाहार

admin

लोहारिया में क्षुल्लक दीक्षा आज – दीक्षार्थी अंबालाल की गोदभराई रस्म

admin

Leave a Comment