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नीरज जैन स्मृति व्याख्यानमाला आयोजित

सतना ꫰ जैन दर्शन के विख्यात विद्वान, पुरातत्वज्ञ तथा साहित्यकार स्वर्गीय नीरज जैन की स्मृति में प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाने वाली व्याख्यानमाला की आठवीं कड़ी उनकी आठवीं अनुपस्थिति के रूप में 1 नवंबर 2020 को संपन्न हुई ꫰ जैनम् चैनल तथा जूम ऐप के माध्यम से आयोजित इस वेविनार में पूरे देश के सुधी श्रोताओं ने भाग लिया ꫰ 
व्याख्यानमाला के पहले वक्ता डॉ प्रेम सुमन जैन, उदयपुर ने मानवीय मूल्यों की महिमा विषय पर अपना सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया ꫰ तत्पश्चात इंदौर से डॉ सरोजकुमार जी ने नीरज जी से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाते हुए कहा कि नीरज जी सदैव चट्टान की तरह अडिग रहते थे और सच को जोरदार ढंग से कहने में कभी नहीं हिचकते थे ꫰ सतना में व्याख्यानमाला के मंच पर उपस्थित देश के ख्याति प्राप्त व्यंगकार श्री संतोष खरे तथा सिनेमा विधा पर हजारों लेख और दर्जनों पुस्तकें लिखने वाले प्रोफ़ेसर प्रह्लाद अग्रवाल तथा प्रोफेसर राजकुमार जैन ने अपने विचार व्यक्त किए ꫰ इंदौर के वरिष्ठ विद्वान डॉ अनुपम जैन꫰ ने जैन गणित पर सरल भाषा में अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए जो श्रोताओं ने काफी पसंद किये ꫰

सनावद से व्याख्यानमाला में जुड़े  वक्ता सुप्रसिद्ध पत्रकार श्री राजेंद्र महावीर ने आज के संदर्भ में पत्रकारिता विषय पर अपना व्याख्यान दिया ꫰ उन्होंने यह सिद्ध किया कि गोमटेश महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम से संबंधित महोत्सव दर्शन जैसा ग्रंथ लिखकर नीरज जी ने यह साबित कर दिया था कि वह न केवल कवि या लेखक ही थे वरन एक सजग पत्रकार भी रहे हैं ꫰ भिलाई से श्रीमती सुषमा जैन ने नीरज जैन की कुछ पुस्तकों पर अपने विचार व्यक्त किये ꫰

 व्याख्यानमाला की अध्यक्षता कर रहे भारतवर्षीय दिगंबर जैन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री निर्मल कुमार सेठी ने श्री नीरज जैन द्वारा पुरातत्व एवं जैन साहित्य में दिए गए योगदान की चर्चा करते हुए वर्तमान समय में पुरातत्व के संरक्षण पर विशेष बल दिया ꫰ उन्होंने बताया कि उनकी संस्था द्वारा न केवल भारत में वरन् पाकिस्तान, बांग्लादेश, ग्रीस, कंबोडिया आदि अनेक देशों में स्थित जैन पुरातत्व की सामग्री के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ꫰
 प्रारंभ में सुधाकर जैन ने सभी का स्वागत किया तथा श्रीमती शालिनी जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया ꫰ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया तथा श्री नीरज जैन के चित्र पर माल्यार्पण किया गया ꫰ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने पिछली व्याख्यानमालाओं का उल्लेख करते हुये अतिथि वक्ताओं का परिचय प्रस्तुत किया ꫰

व्याख्यानमाला के मध्य कुछ श्रोताओं द्वारा रखे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया गया ꫰ संचालन डा. सत्येंद्र शर्मा एवं पं. सुरेश मारोरा द्वारा किया गया ꫰ श्री सुधीर जैन ने आभार प्रदर्शन किया

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