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पांच दीक्षार्थी भैयाजी की गोद भराई और बिनौली कार्यक्रम सम्पन्न मुनि दीक्षा अगले माह 14 नवम्बर को

सागर। सम्मेद शिखर जी में विराजमान आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के ससंघ सान्निध्य में प्रस्तावित दीक्षा समारोह में दीक्षार्थी भैयाजी की गोद भराई का कार्यक्रम हुआ।
दीक्षार्थी भैया ब्रह्मचारी स्वातम भैया इंदौर, ब्रजेश भैया ब्रजपुर, अविरल भैया दिल्ली, संजय भैया और अंकुश भैया भिंड ने  भाग्योदय तीर्थ में विराजमान मुनि श्री समयसागर जी महाराज और वर्णी भवन मोराजी में विराजमान सुप्रभसागर जी महाराज, मुनि श्री प्रणत सागर जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मंगलगिरी सहित अन्य जैन मंदिरों के दर्शन किए। भाग्योदय तीर्थ के समीप विद्यासागर नगर में श्रीमती वंदना प्रमोद जैन वारदाना के निवास पर भैया जी की गोद भराई का कार्यक्रम संपन्न हुआ। शाम को विनोली यात्रा निकाली गई।
लाखों- करोड़ों का धन- वैभव त्याग कर वैराग्य पथ की ओर पांच दीक्षार्थी आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज से दीक्षा ग्रहण करेंगे।
  डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर ने बताया कि आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज 2021 का चातुर्मास सिद्धभूमि जैन तीर्थ स्थली सम्मेद शिखरजी मैं हो रहा है। जैन धर्मावलंबियों के 24 तीर्थंकर में से 20 तीर्थंकर सम्मेद शिखर जी से मोक्ष गए हैं। आचार्य श्री आगामी 14 नवम्बर को पांच ब्रह्मचारी भैया जी को मुनि दीक्षा देंगे। देश के विभिन्न राज्यों एवं नगरों में जहां- जहां पर जैन समाज है, वहां पर बिनोली एवं गोद भराई का कार्यक्रम रखा गया। इसीके तहत सागर में भी बिनौली और गोद भराई का समारोह रखा गया। मोरा जी में परम पूज्य मुनि श्री सुप्रभ सागर जी महाराज, मुनि श्री प्रणत सागर जी महाराज से दीक्षार्थी भैयागणों ने आशीर्वाद लिया। नगर भाग्योदय में विराजमान परम पूज्य मुनि श्री समय सागर जी महाराज से सभी दीक्षार्थी भैयागणों ने आशीर्वाद प्राप्त किया।
 उल्लेखनीय है कि दीक्षार्थी भैया जी लोग इतनी कम उम्र होते हुए भी लाखों- करोड़ों की संपत्ति एवं नौकरी छोड़कर वैराग्य पथ को धारण किए हैं। वे सभी सांसारिक सुख- सुविधाओं को त्याग कर सिद्ध परमेष्ठी  एवं भगवान बनने के लिए सबसे पहली प्रक्रिया को धारण करने के लिए आगामी 14 नवम्बर को मुनि दीक्षा लेंगे।
    दीक्षार्थी भैया जी जिनकी दीक्षा हो रही है, उनमें से ब्रम्हचारी अविरल  भैयाजी 28 वर्ष के हैं। उन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण की है। वह बेंगलुरु मैं कंप्यूटर इंजीनियर थे। 40 लाख  पैकेज के साथ 4 साल जॉब किया है। आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज से 13 अक्टूबर 2018 को ब्रम्हचर्य व्रत लेने के बाद संघ में तप -त्याग संयम की साधना करते रहे। उनके पिता प्रोफेसर पवन जैन, दिल्ली में बड़े कॉलेज में और मां अलका ओर दो छोटे भाई भी उच्च पद पर कार्यरत हैं। ब्रह्मचारी अंकुश भैया जी भिंड के हैं जिन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत 3 जनवरी 2020 को लिया। ब्रह्मचारी स्वातम भैया इंदौर के हैं। जो दीक्षार्थी भैया में सबसे कम उम्र के हैं, 19 वर्ष के हैं, छोटी सी ही आयु से ही उनकी आध्यात्मिक रुचि थी, उन्होंने 12 अगस्त 2018 को औरंगाबाद में ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया। ब्रह्मचारी बृजेश भैया जी बृजपुरा के हैं जो कई वर्षों से साधना संघ में ही कर रहे हैं। ब्रह्मचारी संजय भैया जी भोपाल के हैं। इन पांच ब्रह्मचारी भाइयों की दीक्षा हो रही है जिनकी गोद -भराई और बिनोली की गई। इस दौरान  सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष ,बच्चे, विद्वतवर्ग, जैनधर्मावलंबी उपस्थित रहे।

सुनील जैन “संचय”

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