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राष्ट्रीय जैन विद्वत् सम्मेलन यरनाल

यरनाल। प्रथमाचार्य श्री शान्तिसागर मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत पंचम पट्टाचार्य वात्सल्यवारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमानसागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य एवं पूज्य जगद्गुरु कर्मयोगी स्वस्ति श्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामी जी के नेतृत्व में चार दिवसीय “राष्ट्रीय जैन विद्वत सम्मेलन” का भव्यातिभव्य उद्घाटन यरनाल जिला बेलगांवी (कर्नाटक) में शुक्रवार, 27 दिसम्बर 2019 को प्रातः 10.30 बजे स्वस्तिश्री चारुकीर्ति भट्टारक महास्वामी की अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थिति में उनके आज्ञानुवर्ती हुमचा के भट्टारक स्वस्ति श्री डॉ. देवेन्द्र कीर्ति स्वामी जी के कर कमलों द्वारा सानन्द सम्पन्न हुआ।

असम केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तेजपुर के कुलपति प्रो. विनोद कुमार जैन मुख्यातिथ्य में सम्मेलन के सर्वाध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन, बड़ौत (अध्यक्ष – अ. भा. दि. जैन शास्त्रि परिषद्) ने सम्मेलन प्रारम्भ होने की घोषणा की।

सर्वाध्याक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन के सम्मान के पश्चात उन्होंने अध्यक्षीय व्यक्तव्य प्रस्तुत किया। डॉ. सिद्धि अलगुरु (कुलपति – विजय नगर कृष्णदेवराय विश्वविद्यालय, बल्लारी) एवं डॉ. सुशीलचन्द्र जैन, मैनपुरी ने विषयवस्तु की प्रस्तुति की। मुख्य अतिथि प्रो. विनोद कुमार जैन ने विद्वत सम्मेलन के महत्व का प्रतिपादन किया। अन्त में आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे शताधिक विद्वानों को विद्वत सम्मेलन की सफलता का आशीर्वाद प्रदान किया। उद्घाटन सत्र का संचालन देश के प्रख्यात गणितज्ञ एवं तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत् महासंघ के कार्याध्यक्ष डॉ. अनुपम जैन इन्दौर ने किया।

डॉ. श्रेयांस कुमार जैन का अभूतपूर्व सम्मान

इस दौरान आचार्य श्री शान्तिसागर मुनि दीक्षा शताब्दी वर्ष के अन्तर्गत यरनाल जिला बेलगांव (कर्नाटक) में पंचम पट्टाचार्य वात्सल्यवारिधि आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज के पावन सानिध्य में चार दिवसीय ‘राष्ट्रीय जैन विद्वत सम्मेलन’ के 30 दिसम्बर को आयोजित समापन समारोह में सम्मेलन – सर्वाध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन, बडौत (अध्यक्ष – अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रि परिषद्) का अभूतपूर्व सम्मान किया गया। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज एवं स्वस्ति श्री भट्टारक देवेन्द्रकीर्ति स्वामी जी ने उनकी भूरि-भूरि प्रसंशा करते हुए सम्मेलन की अपूर्व सफलता के लिए उन्हें बधाई एवं आशीर्वाद प्रदान किया। समापन समारोह का संचालन डॉ. अनुपम जैन इन्दौर ने किया।

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