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सराकोद्धारक राष्ट्र संत आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज- व्यक्तित्व और कृतित्व“ विषय पर आयोजित हुई निबंध प्रतियोगिता

vyaktitva aur kratitva vishay par nibandh pratiyogita
  • निबंध (आलेख) प्रतियोगिता के परिणाम घोषित
  • प्रथम स्थान पर जिनेश जैन, द्वितीय पर उषा पाटनी, तृतीय पर डॉ. अल्पना जैन रहीं
  • विजयी प्रतिभागी बोले पुरस्कार से नई ऊर्जा मिलती है तथा मनोबल बढ़ाता है

ललितपुर (उत्तरप्रदेश) श्रुत संवर्द्धन संस्थान के तत्वावधान में “सराकोद्धरक राष्ट्र संत आचार्य श्री ज्ञानसागर महाराज-व्यक्तित्व एवं कृतित्त्व“ विषय पर अखिल भारतीय निबंध (आलेख) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगता में सराकोद्धारक आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का सामाजिक एकता में योगदान, भारतीय संस्कृति को अवदान, जैन वाङ्गमय (आगम) के लिए अवदान विषय पर निबंध (आलेख) आमंत्रित किये गए थे।
प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. सुनील संचय व मनीष विद्यार्थी ने बताया कि परम पूज्य सराकोद्धारक राष्ट्र संत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज पर केंद्रित निबंध प्रतियोगिता का आयोजन मुनि श्री ज्ञानसागर जी महाराज के आशीर्वाद से किया गया था। इसमें देशभर से प्रतिभागियों के 41 निबंध प्राप्त हुए। प्राप्त आलेखों को त्रिस्तरीय निर्णायक मंडल के पास भेजा गया। त्रिस्तरीय निर्णायक मंडल से प्राप्त परिणाम के आधार पर उक्त प्रतियोगिता का परिणाम निम्नानुसार घोषित किया गया।

  • प्रथम पुरस्कार 11000 रुपए- श्री जिनेश जैन, भोपाल,
  • द्वितीय पुरस्कार 5100 रुपए- श्रीमती उषा पाटनी इंदौर
  • तृतीय पुरस्कार 3100 रुपए डॉ अल्पना जैन ग्वालियर
  • तीन सांत्वना पुरस्कार 1100 रुपए- श्रीमती आरती जैन, दिल्ली, श्रीमती ममता गोदरे सागर मध्यप्रदेश, निष्ठा जैन बीकानेर, राजस्थान।
    युवा प्रतिभा प्रोत्साहन के अंतर्गत नमन जैन मुजफ्फरनगर, कुमारी प्रज्ञा जैन बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया है।
    उक्त सभी पुरस्कारों की राशि ऑनलाइन माध्यम से विजेता प्रतिभागियों के खातों में प्रेषित कर दी गई है। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को आकर्षक रंगीन प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्र संत आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज का नवम्बर 2020 में अचानक समाधिमरण हो गया था। उनके अकस्मात समाधिमरण से सभी स्तब्ध थे इसलिए प्रतियोगिता का परिणाम जारी करने में कुछ विलंब हुआ। सभी प्रतिभागियों ने बहुत ही अच्छे आलेखों के माध्यम से आचार्यश्री के व्यक्तित्व को रेखांकित किया। विजयी प्रतिभागियों ने पुरस्कार मिलने की सूचना पाकर खुशी जाहिर की है तथा कहा है कि पुरस्कार से नई ऊर्जा, उत्साह और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलता है तथा मनोबल बढ़ाता है।
उक्त प्रतियोगिता के लिए एक समिति का गठन किया गया था जिसमें ब्र. जयकुमार निशांत भैया (निर्देशक प्रागैतिहासिक तीर्थक्षेत्र नवागढ़), मार्गदर्शक मण्डल ब्र.अनीता दीदी जी, डॉ शीतल चंद्र जैन जयपुर, प्रो. नलिन के. शास्त्री बोधगया, डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत, डॉ अनुपम जैन इंदौर, परामर्श मंडल राजेंद्र जैन महावीर सनावद, डॉ. प्रगति जैन इंदौर, डॉ. मनीषा जैन लाडनूं, प्रद्युम्न शास्त्री जयपुर शामिल थे। डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर, मनीष जैन विद्यार्थी, शाहगढ़ को संयोजक बनाया गया था।
आयोजक संस्था श्रुत संवर्द्धन संस्थान मेरठ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष योगेश जैन खतौली, महामंत्री हंस कुमार जैन मेरठ, कोषाध्यक्ष विवेक जैन गाजियाबाद तथा गुरु भक्त मनीष जैन तिजारा का उल्लेखनीय योगदान रहा।
सभी पदाधिकारियों ने पुरस्कार प्राप्त एवं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई दी है।


-डॉ. सुनील जैन संचय, ललितपुर

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